उदयपुर के चेतक सर्कल पर मुस्लिमों की भीड़ ने महाराणा प्रताप की प्रतिमा को उखाड़ने दावे वाला वीडियो वायरल सच
उदयपुर के चेतक सर्कल पर मुस्लिमों की भीड़ ने महाराणा प्रताप की प्रतिमा को उखाड़ने दावे वाला वीडियो वायरल सच
वायरल वीडियो : शंभू रैगर के खिलाफ दिसम्बर 2017 में मुस्लिम समाज ने किया था प्रदर्शन, वीडियो अब फर्जी दावे के साथ वायरल
वायरल फेक न्यूज ने वायरल वीडियो और उसके साथ किए जा रहे दावों की जांच की। इस विडियो में पोस्ट फर्जी (फेक) साबित हुई। दरअसल दिसंबर 2017 में मुस्लिम समाज के लोगों ने शंभू रैगर जिसने एक मुस्लिम को लव जिहाद मामले में हत्या कर दी थी, को कड़ी सजा दिलवाने के लिए उदयपुर में विरोध प्रदर्शन किया था।
By Viral Fake News
Updated: June 18, 2023
सोशल मीडिया पर एक वीडियो को वायरल किया जा रहा है। इसमें काफी संख्या मुस्लिम समुदाय के लोगों को नारेबाजी करते हुए देखा जा सकता है। सोशल मीडिया पर कुछ यूजर्स इस वीडियो को अभी का बताकर सांप्रदायिक दावे के साथ वायरल कर रहे हैं। वायरल फेक न्यूज ने वायरल वीडियो और उसके साथ किए जा रहे दावों की जांच की। पड़ताल में पोस्ट फर्जी साबित हुई। दरअसल दिसंबर 2017 में मुस्लिम समाज के लोगों ने शंभू रैगर को कड़ी सजा दिलवाने के लिए उदयपुर में विरोध प्रदर्शन किया था। उसी समय के वीडियो के साथ छेड़छाड़ कर अब वायरल किया जा रहा है। महाराणा प्रताप की प्रतिमा को उखाड़ कर घोड़े से नीचे गिराने का दावा भी पूरी तरह गलत साबित हुआ।
क्या हो रहा है वायरल वीडियो में?
वीडियो को सोशल मीडिया पर अपलोड करते हुए दावा किया, “उदयपुर के चेतक सर्कल पर मुस्लिमों की भीड़ ने महाराणा प्रताप की प्रतिमा को उखाड़ कर घोड़े से नीचे गिरा दी है और अल्लाह हु अकबर के नारे लगा कर ग्रह युद्ध जैसा माहौल बना दिया।”
इसके अलावा वीडियो पर लिखा गया, “ये उदयपुर के चेतक सर्कल पर पहुंच कर कहने लगे, हिंदुस्तान में रहना होगा तो अल्लाह हू अकबर कहना होगा। हर नमो समर्थक से हाथ जोड़ कर निवेदन है कि इस वीडियो को देखते ही शेयर करें।”
वायरल पोस्ट के कंटेंट को यहां ज्यों का त्यों ही लिखा गया है। इसे सच मानकर दूसरे यूजर्स भी वायरल कर रहे हैं।
Viral Check
वायरल फेक न्यूज ने वायरल पोस्ट की जांच के लिए वीडियो का पता लगाया । वीडियो जांच के लिए गूगल रिवर्स सर्च इमेज टूल का यूज किया गया। वायरल वीडियो हमें मेवाड़ । इसे 13 दिसंबर 2017 को अपलोड किया गया था। वीडियो में बताया गया कि उदयपुर में शंभू रैगर के खिलाफ मुस्लिम समाज ने धरना-प्रदर्शन किया था।
पड़ताल को आगे बढ़ाते हुए दावे के अनुसार, गूगल ओपन सर्च में चेतक सर्किल, उदयपुर टाइप करके सर्च किया गया। यह स्थान हमें उदयपुर में मिला। वायरल वीडियो में नजर आ रही इमारत, चौराहे पर सफेद धोड़े की प्रतिमा और पोल एक जैसे ही नजर आए। इसमें महाराणा प्रताप की घोड़े वाली प्रतिमा में कोई नुकसान नजर नहीं आया है। इन समानताओं को नीचे देख सकते हैं। वायरल फेक न्यूज ने पड़ताल की । वायरल पोस्ट का दावा फर्जी है उदयपुर में 2017 में हुए एक प्रदर्शन के वीडियो को झूठे सांप्रदायिक दावे के साथ वायरल किया जा रहा है। इस पोस्ट में सच्चाई नहीं है।
इसी वीडियो की पुष्टि india tv की एक रिपोर्ट में भी की जा सकती है
2017 में शंभू रैगर के खिलाफ एक प्रदर्शन किया गया था। शंभू रैगर ने एक मुस्लिम की बेरहमी से हत्या कर दी थी। ऐसी वायरल पोस्ट के लिए उदयपुर पुलिस केस दर्ज कर रही है
Dev gour नाम के ट्वीटर हैंडल से वायरल इसी वीडियो का उदयपुर पुलिस का रिट्वीट नीचे
https://twitter.com/UdaipurPolice
निष्कर्ष : 2017 में शंभू रैगर के खिलाफ हुए विरोध प्रदर्शन के वीडियो को अब फर्जी दावे के साथ वायरल किया गया। दिसंबर 2017 में यह प्रदर्शन मुस्लिम समाज की ओर से उदयपुर में किया गया था। वायरल वीडियो वायरल फेक न्यूज की पड़ताल में वायरल पोस्ट फर्जी साबित हुई।

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